मेरी तमन्ना है की हर हिन्दुस्तानी इस पोस्टर को पढ़े और इसे अमल में लाये

साफ़ साफ़ पढने के लिए: आप मेहरबानी करके इस पोस्टर पर क्लिक करें और जितने लोगों तक मेरी ये गुज़ारिश पहुंचा सकें पहुंचाएं...मैं तहे दिल से आप सब की शुक्रगुज़ार रहूंगी.
मैं कि औरत हूँ मेरी शर्म है मेरा ज़ेवर, बस तख़ल्लुस इसी बाइस तो'हया'रखा है.
Zaroor...aapkee tamanna pooree ho..aameen!
ReplyDeleteवास्तव में समाज में गालियों का कोई स्थान नहीं होना चाहिए।
ReplyDeleteChaliye,hamkhayal to ban jayen!
ReplyDeleteमहिला दिवस पर एक बहुत अच्छी प्रस्तुती धन्यवाद
ReplyDeleteगर सोच ले इंसान तो क्या नहीं हो सकता...
ReplyDeleteयहाँ तो बस एक आदत सुधारने की बात है... "आप भला तो जग भला" मानकर हर कोई इस सन्देश को आत्मसात कर ले..
ज्ञानवर्धक....
ReplyDeleteआवश्यक....
अनुकरणीय.....
देखें कहां तक सफ़लता मिलती है.
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ReplyDelete.
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ऐसे मनाये महिला दिवस
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सर्वसाधारण के हित में http://sukritisoft.in/sulabh/mahila-diwas-message-for-all-from-lata-haya.html
एक स्वस्थ समाज की स्थापना में जरुरी कदम...
ReplyDeleteसाधुवाद!
अंतर राष्ट्रीय महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं.
-उड़न तश्तरी
आपके इस पाक मुहिम को मैं अपना पूर्ण समर्थन और शुभकामना देती हूँ....
ReplyDeleteमातृ-दिवस पर मातृ-शक्ति को नमन!
ReplyDeleteआपकी पोस्ट को यहाँ भी चुरा लिया गया है!
http://charchamanch.blogspot.com/2010/03/blog-post_08.html
aapki is muhim me ham sab saath hain......
ReplyDeletemere khyal se har sabhya nagrik yahi chahega ..........aapki pahal anukarniye aur vicharniya hai.
ReplyDeletejhakjhor dene waali aur jagaane wali rachna.
ReplyDeleteआज महिला दिन की सुब्ह मुज़े भी यही ख़याल आया था कि हमें ऐसा संकल्प करना चाहिये जो गुजरात के "बोडेली" गांववासी औरतों ने किया। सारे गांव के लडके शराब पीने लगए थे। तभी गांव की सारी औरतें ईकठ्ठा होकर शराब बनाने की सारी चिज़ें तोड_फ़ोड दीं। बुराई को मिटाने की मुहिम ऐसे ही शुरु होती है।
ReplyDeleteलतादीदी आपकी पोस्ट सराहनीय है। ये मुहिम में मैं भी आप के साथ हुं।
हम छोटी छोटी गलतिओं को अपने समाज से दूर कर इसे स्वस्थ्य समाज बना सकते हैं... आपकी यह कोशिश वाकई उन्नत है ...
ReplyDeleteअर्श
nice
ReplyDeleteगालियाँ हमारी संस्कृति पर एक बहुत बड़ा धब्बा है इसे मिटाना ज़रूरी है ।
ReplyDeleteBahut acchi lagi aapki yah post ....Dhanywaad!
ReplyDeleteHappy Women's Day !!
सही अपील
ReplyDelete" sahi waqt per sahi post ....aao koshish kare " GALIYAN " namak kaale dhabbe ko mitane ki ."
ReplyDelete------ eksacchai { AAWAZ }
http://eksacchai.blogspot.com
सच्चा, सार्थक, प्रशंसनीय तथा अनुकरणीय प्रयास - मैं इस अभियान में आपके साथ हूँ ये मेरा वादा है.
ReplyDeleteI support you for this kind movement.
ReplyDeleteThanx
(Dnt Mind Even i am very Bad abuser in my friend circle only...But i m not doing it to hurt anybody...)
I will quit this habit
Thanx again
इस रूग्ण मानसिकता का विरोध किया जाना चाहिए.
ReplyDelete...- मैं इस अभियान में आपके साथ हूँ.
लता जी ,आदाब ,
ReplyDeleteइस से पहले ऐसा अभियान मुझे तो नज़र नहीं आया ,
आप को इस बीमारी के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने के लिए बधाई हो ,
और शुक्रिया इस बात का कि आप ने औरों का ध्यान भी इस ओर खींचा
मैं सपरिवार आप के साथ हूं
AAPSE OR ISMAT JI SE SEHMAAT HOON MAIBHI,
ReplyDeletePRYAAS HONE HI CHAAHIYE..
Didi,
ReplyDeleteye shatya hai ki galiya aajki moddle jamane ka fassion ban chuki hain...par kuchh log gali deneme apni sekhi samjhate hain..unhe kaun samjhaye..
maine aajtak in lafjo ka prayog sapno me bhi nahi kiya....
हया जी सराहनीय प्रयास
ReplyDeleteआभार..........
bahut hi sahi kadam sahi sandesh........
ReplyDeleteमैडम
ReplyDeleteआप देर से आयीं ......माज़रत भी चाह ली.....ये औपचारिकता कुछ ज्यादा ही थी ( ये औपचारिकता तब और ज्यादा महसूस हुयी कि जब देखा कुछ और ब्लोगर्स को भी आपने इन्हीं लफ़्ज़ों में कट-पेस्ट तकनीक के मार्फ़त मुआफी चाह ली.........)
sabko jawab nahin de paati isliye kabhi kabhi ye karna bhi zaruri hota hai . kal subah bhi ladies ka prog hai .conduct karna hai .padhte padhte blog check kiya to aapka comment dekha.
ReplyDeletebilkul ignore karne se to sabko ek line likhna behater hai ,vaise main sabki post bhi padhti jaa rahi thi jahan kuch add. karne ki zarurat lagi wahan alag comment bhi kiya. asha karti hoon apko ye cut paste nagawar na lage. thanx.
lata
बहुत अच्छी कोशिश है, हम सब साथ हैं.
ReplyDeleteनव संवत्सर मंगलमय हो.
ReplyDeleteहर दिन सूरज नया उदय हो.
सदा आप पर ईश सदय हों-
जग-जीवन में 'सलिल' विजय हो.
Nayi post ka intezaar hai!
ReplyDeleteनमस्कार लता जी
ReplyDeleteआज आप का ये ब्लॉग मिला, सचमुच दिल से अपने आप ही वाह वाह निकल गया. आप के प्रशंक बन गए, आपको ढेरो शुभ कामानाये
आपका एक नया प्रशंक
अरविन्द मिश्र
श्री गंगानगर
राजस्थान
very true... nice posting...
ReplyDelete"RAM"
वास्तव में आपने एक आम सामाजिक बुराई की ओर ध्यान खींचा है.मैं आपके इस अभियान का समर्थन करता हूं और इसके सफल होने की कामना करता हूं.
ReplyDeleteआपका एक और नया घर बन गया है हमारे दिल में ....यकीं मानिये आप जैसे लोग समाज के पथप्रदर्शक है
ReplyDeleteभावों कू जिस ख़ूबसूरती से आप शब्द देती है उसका कोई जवाब नहीं ..लाजवाब
आप की कोशिश बहुत अच्छी है। हम अपने माँ-बहिन-बेटी ही नहीं बल्कि प्रत्येक महिला का आदर तथा सम्मान करें तब दुसरे लोग आप के माँ-बहिन-बेटी को आदर- सम्मान देंगे। और जो अपने माँ-बहिन-बेटी को गालियाँ देता है, वह मानव नही बल्कि वह जानवर से बत्तर है।
ReplyDeleteलता जी आपका यह पैग़ाम मुझे भी पसंद आया , मैंने इसका लिंक अपनी एक पोस्ट महिला आकस्मिक रूप से लालची लोगों के हाथ लग गई। मैं दिया है, जिस से आप की बात और लोगों तक भी पहुंचे. महिलाओं पे दो पोस्ट है वहां , देखिये शायद आप को पसंद आये.
ReplyDeletehttp://aqyouth.blogspot.com/2010/06/blog-post_23.html
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