Monday, March 8, 2010

महिला दिवस पर मेरी एक गुज़ारिश

मेरी तमन्ना है की हर हिन्दुस्तानी इस पोस्टर को पढ़े और इसे अमल में लाये



साफ़ साफ़ पढने के लिए: आप मेहरबानी करके इस पोस्टर पर क्लिक करें और जितने लोगों तक मेरी ये गुज़ारिश पहुंचा सकें पहुंचाएं...मैं तहे दिल से आप सब की शुक्रगुज़ार रहूंगी.

40 comments:

  1. Zaroor...aapkee tamanna pooree ho..aameen!

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  2. वास्‍तव में समाज में गालियों का कोई स्‍थान नहीं होना चाहिए।

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  3. Chaliye,hamkhayal to ban jayen!

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  4. महिला दिवस पर एक बहुत अच्छी प्रस्तुती धन्यवाद

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  5. गर सोच ले इंसान तो क्या नहीं हो सकता...
    यहाँ तो बस एक आदत सुधारने की बात है... "आप भला तो जग भला" मानकर हर कोई इस सन्देश को आत्मसात कर ले..

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  6. ज्ञानवर्धक....
    आवश्यक....
    अनुकरणीय.....
    देखें कहां तक सफ़लता मिलती है.

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  7. .
    .
    .
    ऐसे मनाये महिला दिवस
    .
    सर्वसाधारण के हित में http://sukritisoft.in/sulabh/mahila-diwas-message-for-all-from-lata-haya.html

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  8. एक स्वस्थ समाज की स्थापना में जरुरी कदम...

    साधुवाद!


    अंतर राष्ट्रीय महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं.

    -उड़न तश्तरी

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  9. आपके इस पाक मुहिम को मैं अपना पूर्ण समर्थन और शुभकामना देती हूँ....

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  10. मातृ-दिवस पर मातृ-शक्ति को नमन!

    आपकी पोस्ट को यहाँ भी चुरा लिया गया है!

    http://charchamanch.blogspot.com/2010/03/blog-post_08.html

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  11. aapki is muhim me ham sab saath hain......

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  12. mere khyal se har sabhya nagrik yahi chahega ..........aapki pahal anukarniye aur vicharniya hai.

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  13. आज महिला दिन की सुब्ह मुज़े भी यही ख़याल आया था कि हमें ऐसा संकल्प करना चाहिये जो गुजरात के "बोडेली" गांववासी औरतों ने किया। सारे गांव के लडके शराब पीने लगए थे। तभी गांव की सारी औरतें ईकठ्ठा होकर शराब बनाने की सारी चिज़ें तोड_फ़ोड दीं। बुराई को मिटाने की मुहिम ऐसे ही शुरु होती है।
    लतादीदी आपकी पोस्ट सराहनीय है। ये मुहिम में मैं भी आप के साथ हुं।

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  14. हम छोटी छोटी गलतिओं को अपने समाज से दूर कर इसे स्वस्थ्य समाज बना सकते हैं... आपकी यह कोशिश वाकई उन्नत है ...


    अर्श

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  15. गालियाँ हमारी संस्कृति पर एक बहुत बड़ा धब्बा है इसे मिटाना ज़रूरी है ।

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  16. Bahut acchi lagi aapki yah post ....Dhanywaad!
    Happy Women's Day !!

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  17. " sahi waqt per sahi post ....aao koshish kare " GALIYAN " namak kaale dhabbe ko mitane ki ."


    ------ eksacchai { AAWAZ }

    http://eksacchai.blogspot.com

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  18. सच्चा, सार्थक, प्रशंसनीय तथा अनुकरणीय प्रयास - मैं इस अभियान में आपके साथ हूँ ये मेरा वादा है.

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  19. I support you for this kind movement.

    Thanx
    (Dnt Mind Even i am very Bad abuser in my friend circle only...But i m not doing it to hurt anybody...)
    I will quit this habit

    Thanx again

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  20. इस रूग्ण मानसिकता का विरोध किया जाना चाहिए.
    ...- मैं इस अभियान में आपके साथ हूँ.

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  21. लता जी ,आदाब ,
    इस से पहले ऐसा अभियान मुझे तो नज़र नहीं आया ,
    आप को इस बीमारी के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने के लिए बधाई हो ,
    और शुक्रिया इस बात का कि आप ने औरों का ध्यान भी इस ओर खींचा
    मैं सपरिवार आप के साथ हूं

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  22. AAPSE OR ISMAT JI SE SEHMAAT HOON MAIBHI,
    PRYAAS HONE HI CHAAHIYE..

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  23. Didi,
    ye shatya hai ki galiya aajki moddle jamane ka fassion ban chuki hain...par kuchh log gali deneme apni sekhi samjhate hain..unhe kaun samjhaye..
    maine aajtak in lafjo ka prayog sapno me bhi nahi kiya....

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  24. हया जी सराहनीय प्रयास
    आभार..........

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  25. मैडम
    आप देर से आयीं ......माज़रत भी चाह ली.....ये औपचारिकता कुछ ज्यादा ही थी ( ये औपचारिकता तब और ज्यादा महसूस हुयी कि जब देखा कुछ और ब्लोगर्स को भी आपने इन्हीं लफ़्ज़ों में कट-पेस्ट तकनीक के मार्फ़त मुआफी चाह ली.........)

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  26. sabko jawab nahin de paati isliye kabhi kabhi ye karna bhi zaruri hota hai . kal subah bhi ladies ka prog hai .conduct karna hai .padhte padhte blog check kiya to aapka comment dekha.
    bilkul ignore karne se to sabko ek line likhna behater hai ,vaise main sabki post bhi padhti jaa rahi thi jahan kuch add. karne ki zarurat lagi wahan alag comment bhi kiya. asha karti hoon apko ye cut paste nagawar na lage. thanx.
    lata

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  27. बहुत अच्छी कोशिश है, हम सब साथ हैं.

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  28. नव संवत्सर मंगलमय हो.
    हर दिन सूरज नया उदय हो.
    सदा आप पर ईश सदय हों-
    जग-जीवन में 'सलिल' विजय हो.

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  29. नमस्कार लता जी
    आज आप का ये ब्लॉग मिला, सचमुच दिल से अपने आप ही वाह वाह निकल गया. आप के प्रशंक बन गए, आपको ढेरो शुभ कामानाये
    आपका एक नया प्रशंक
    अरविन्द मिश्र
    श्री गंगानगर

    राजस्थान

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  30. वास्तव में आपने एक आम सामाजिक बुराई की ओर ध्यान खींचा है.मैं आपके इस अभियान का समर्थन करता हूं और इसके सफल होने की कामना करता हूं.

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  31. आपका एक और नया घर बन गया है हमारे दिल में ....यकीं मानिये आप जैसे लोग समाज के पथप्रदर्शक है
    भावों कू जिस ख़ूबसूरती से आप शब्द देती है उसका कोई जवाब नहीं ..लाजवाब

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  32. आप की कोशिश बहुत अच्छी है। हम अपने माँ-बहिन-बेटी ही नहीं बल्कि प्रत्येक महिला का आदर तथा सम्मान करें तब दुसरे लोग आप के माँ-बहिन-बेटी को आदर- सम्मान देंगे। और जो अपने माँ-बहिन-बेटी को गालियाँ देता है, वह मानव नही बल्कि वह जानवर से बत्तर है।

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  33. लता जी आपका यह पैग़ाम मुझे भी पसंद आया , मैंने इसका लिंक अपनी एक पोस्ट महिला आकस्मिक रूप से लालची लोगों के हाथ लग गई। मैं दिया है, जिस से आप की बात और लोगों तक भी पहुंचे. महिलाओं पे दो पोस्ट है वहां , देखिये शायद आप को पसंद आये.
    http://aqyouth.blogspot.com/2010/06/blog-post_23.html

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  34. This comment has been removed by a blog administrator.

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